Mashup

दो गानों को मिलाकर Mashup में एक नया ट्रैक बनाएँ। किसी गाने की हुक दूसरे की धुन पर कैसी लगेगी, यह कल्पना लेकर शुरुआत कीजिए। दोनों को मन में साथ गुनगुनाते वक़्त ध्यान दें कि एक की लय पर दूसरे के शब्द कैसे बैठते हैं। किसी लंबे मुखड़े को तेज़ लय में गुनगुनाते हुए शब्द जल्दी-जल्दी निकल रहे हों, तो सुनिए कि कहाँ पूरी बात कह पा रहे हैं और कहाँ साँस लेने के लिए रुकना पड़ता है।

मिलाने के लिए जोड़ी चुनिए

प्लेलिस्ट में दो गाने बार-बार सुन रहे हैं और दोनों अलग वजहों से पसंद हैं। मिलाने के लिए कौन-सी जोड़ी चुनेंगे, यह फ़ैसला आपका है। एक में किसी से मिलने की ख़ुशी हो और दूसरे में बिछड़ने की बात, तो उनके बोल बारी-बारी गुनगुनाइए। कोई पंक्ति जवाब जैसी लगे, तो उससे ठीक पहले दूसरे गाने की बात बोलकर सुनिए कि उस जवाब में हँसी सुनाई देती है या नाराज़गी। जवाब से पहले थोड़ा ठहरकर भी देखिए कि बीच की चुप्पी से उस बात का लहजा कैसा लग रहा है।

दोनों ट्रैक सामने हों तो खींचकर छोड़िए

दो ट्रैक पहले से सामने हों, तो Create के फॉर्म में उन्हें सीधे खींचकर छोड़ दीजिए। खींचने से पहले नाम पढ़ लीजिए, ख़ासकर जब एक जैसे नाम वाले गाने सुनते आए हों। ऐसे में याद कीजिए कि किस रिकॉर्डिंग का मुखड़ा दिमाग में था और चुने हुए नाम को उससे मिलाकर देखिए।

सुनते हुए याद आया दूसरा गाना जोड़िए

कोई गाना सुनते हुए अचानक दूसरे का मुखड़ा याद आ गया है और अभी सामने सिर्फ़ पहला गाना है। पहले वह गाना चुनिए, Mashup चुनिए और फिर गानों की सूची से दूसरा गाना जोड़िए। दोनों गाने जुड़ने के बाद Suno इन्हीं से Mashup के बोल लिखता है।

बनाने से पहले बोल पढ़िए

ट्रैक बनाने से पहले लिखे हुए बोल पढ़िए। दोनों गानों में “मैं” और “तुम” से अलग लोगों की बात कही गई हो सकती है; अब सामने आए बोलों में देखिए कि कौन किससे बात कर रहा है। कोई नाम पढ़कर बात किसी और की लगने लगे, तो पिछला वाक्य भी साथ पढ़ लीजिए। जिस जगह समझने के लिए रुकना पड़ा, वहाँ पूरी बात ज़ोर से बोलकर सुनिए और उस व्यक्ति को याद कीजिए जिससे बात कही जा रही है।

पढ़े हुए बोलों पर चुनाव कीजिए

पढ़ते हुए जहाँ दोनों गानों के बोल टकराएँ, वहाँ Suno के लिखे बोलों पर तीन विकल्प मिलते हैं। अगर आगे लिखा वाक्य पहले की बात पलट रहा हो, तो उसे भी साथ गुनगुनाइए। यह उलझन सुनकर मुस्कुरा रहे हैं या बात समझने के लिए फिर रुकना पड़ा, इसी के मुताबिक़ चुनाव कीजिए।

नई रचना के लिए Create दबाइए

बोलों पर कोई विकल्प चुनना हो तो चुन लीजिए, फिर Create दबाइए। दोनों पुराने गाने इतने सुने हों कि उनके बोल याद हों, तो नया ट्रैक सुनते वक़्त अगली पंक्ति आदतन ज़ुबान पर आ सकती है। उस जगह कुछ देर गुनगुनाना रोककर गाए जा रहे शब्द सुनिए। फिर कोई सुर देर तक सुनाई दे तो साथ गुनगुनाते हुए उसे उतनी देर खींचिए और उसके बाद आने वाली धुन से सुर मिलाइए।

हुक और शब्दों का मेल सुनिए

किसी परिचित हिस्से पर कान ठहरे, तो उसके बाद के बोल सुनिए। दूसरे गाने की कोई बात पहचान में आए तो याद कीजिए कि वह पुराने गाने के किस हिस्से में आती थी। पुराने मुखड़े में याद रहा कोई शब्द यहाँ अलग लहजे में सुनाई दे, तो एक बार उसे उसी तरह बोलकर देखिए। जिस बात को पढ़ते समय सवाल समझा था, आवाज़ के उतार-चढ़ाव से वह जवाब लग रही हो तो उसके आख़िरी शब्द पर ध्यान दीजिए। उसे गुनगुनाकर सुनिए कि आवाज़ ऊपर उठती है या नीचे उतरती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिखे हुए बोल पसंद आएँ तो क्या चुनूँ?
पसंद आए बोलों को वैसे ही रखने का विकल्प चुनिए।
दोनों गानों की बात साथ रखनी हो तो क्या चुनूँ?
लिखे हुए बोलों को मिलाने का विकल्प भी मिलता है।
लिखे हुए बोल पसंद न आएँ तो क्या करूँ?
सामने आए बोलों को बदलने का विकल्प चुनिए।