
[Verse 1] हे प्रभु, हमारे प्रभु, सारी पृथ्वी पर, महिमा तेरी गाते हैं हम सब मिलकर। तूने आकाश में अपना तेज सजाया, तारों से भी पार तेरा रूप समाया। [Verse 2] छोटे बच्चों के मुख से जो हैं अनजान, तूने रचा है बल, तू है शक्तिमान। दुश्मनों और अंहकारी को चुप कराने, तेरी शांत आवाज़ आती है बचाने। [Chorus] जब देखता हूँ मैं रात का नज़ारा, चाँद और तारों को तूने बनाया। मनुष्य क्या है, जो तूने उसे पुकारा? कि अपनी कृपा से है उसको सजाया। [Verse 3] स्वर्गदूतों से उसे कुछ ही कम बनाया, फिर भी अपना प्रकाश उस पर है चमकाया। महिमा और सम्मान का मुकुट है दिया, सारे जगत का उसे राजा है किया। [Verse 4] ज़मीन के सब पशु और खेत की गाएं, उसके ही हाथों से दिशा सब पाएं। आकाश के पक्षी और जल की मछलियां, तूने उसे दे दी ये सारी बस्तियां। [Chorus] जब देखता हूँ मैं रात का नज़ारा, चाँद और तारों को तूने बनाया। मनुष्य क्या है, जो तूने उसे पुकारा? कि अपनी कृपा से है उसको सजाया। [Bridge] हे प्रभु, तेरा नाम है कितना महान, युगों युगों तक रहेगा ये समान। गहरे सागर से लेकर ऊंचे आकाश, तेरी प्रतिज्ञाओं पर है हमें विश्वास। [Flute and Tabla Solo] [Chorus] जब देखता हूँ मैं रात का नज़ारा, चाँद और तारों को तूने बनाया। मनुष्य क्या है, जो तूने उसे पुकारा? कि अपनी कृपा से है उसको सजाया। [Outro] हे प्रभु, हमारे प्रभु, सारी पृथ्वी पर, गाते हैं आश्चर्य तेरे हम सब मिलकर। हमारी आवाज़ें उठें आसमान की ओर, तेरी स्तुति गूंजे अब चारों ही ओर। [Fade Out]

