[Intro] धुआँ उठे पटरियों से, चल पड़ी फिर ज़िंदगी स्टेशन की भीड़ में, कुछ अधूरी सी बंदगी [Verse 1] खिड़की से झाँके सपने, खेतों की हरियाली हर स्टेशन एक कहानी, हर चेहरे में कुछ ख़्याली सीटी की वो आवाज़ें, जैसे कोई गीत सुनाए चलती रेल की ताल पे, दिल मेरा झूम जाए [Chorus] ट्रेन चली रे, लेकर मेरा दिल कहीं पल भर में गुज़र जाए, जैसे सदियों की राहें ट्रेन चली रे, संग मेरे अरमान भी हर डिब्बा एक किस्सा, हर सफ़र एक कहानी [Verse 2] अजनबी वो मुसाफ़िर, बन गए अपने जैसे किसी ने हँसी बाँटी, किसी ने दर्द कहे से खाना बाँटा पत्तल में, चाय की चुस्कियों में प्यार पटरियों के शोर में भी, मिल गया एक इज़हार [Chorus] ट्रेन चली रे, लेकर मेरा दिल कहीं पल भर में गुज़र जाए, जैसे सदियों की राहें ट्रेन चली रे, संग मेरे अरमान भी हर डिब्बा एक किस्सा, हर सफ़र एक कहानी [Bridge] स्टेशन बदलते जाते, यादें पीछे छूटती कुछ चेहरे मुस्कुराते, कुछ आँखें नम सी लगती ये रेल नहीं बस धड़कन है, जो रुकती नहीं कभी हर मोड़ पे एक नया गीत, हर मोड़ पे नयी नबी [Chorus – Final] ट्रेन चली रे, लेकर मेरा दिल कहीं हर सफ़र का इक मंज़र, हर कहानी अनकही ट्रेन चली रे, संग मेरे अरमान भी हर डिब्बा एक किस्सा, हर सफ़र एक कहानी [Outro] धुआँ उठे पटरियों से, चल पड़ी फिर ज़िंदगी इस रेल की रफ़्तार में, मिल गई मेरी बंदगी