
पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना बड़ी भूल हुई अरे हमने यह क्या समझा यह क्या जाना पत्थर के सनम चेरा तेरा दिल में लिए चलते रहे अंगारों पे तू हो कहीं तू हो कहीं सजदे किये हमने तेरे रुखसारों के हमसे न हो वो कोई दीवाना पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना पत्थर के सनम सोचा था यह बढ़ जाएँगी तन्हाईयाँ जब रातों की रास्ता हमें रास्ता हमें दिखलायेंगी शाम-इ-वफ़ा उन हाथों की ठोकर लगी ी तब पहचाना पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना पत्थर के सनम आए काश के होती खबर तूने किसे ठुकराया है शीशा नहीं शिक्षा नहीं सगर नहीं मंदिर सा इक दिल धया है ध आसमाँ हैं विराना पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना बड़ी भूल हुई अरे हमने यह क्या समझा यह क्या जाना पत्थर के सनम.

