
[Verse 1] (ABAB) प्रभु, देखो कितने शत्रु बढ़ गए हैं मेरे, कहते हैं वो, 'बचा न पाएगा तुझे तेरा ख़ुदा'। पर अटूट हैं विश्वास के वादे ये तेरे, तू ही है मंज़िल मेरी, तू ही मेरा रास्ता। [Chorus] (AABB) पर ऐ ख़ुदा, तू ही है चारों ओर मेरी ढाल, तू ही उठाता है सर, तू ही सँभाले मेरा हाल। पुकारा मैंने तुझको अपनी ऊँची आवाज़ से, मिला सुकून मुझे तेरी पवित्र छाँव के पास में। [Verse 2] (ABAB) मैं चैन से सोता हूँ और फिर जाग जाता हूँ, क्योंकि तेरा हाथ थामे रखता है मुझे सदा। हज़ारों के बीच भी मैं जीत का गीत गाता हूँ, तू ही है रक्षक मेरा, तू ही मेरा आसरा। [Bridge] (AABB) उठ ऐ ख़ुदा, अपनी शक्ति से मुझे बचा ले, अंधेरों को मिटाकर अपनी रोशनी दिखा दे। तेरी ही आशीष से मिलता है हमें जीवन नया, तेरे लोगों पर बरसे सदा तेरी ही दया। [Chorus] (AABB) पर ऐ ख़ुदा, तू ही है चारों ओर मेरी ढाल, तू ही उठाता है सर, तू ही सँभाले मेरा हाल। पुकारा मैंने तुझको अपनी ऊँची आवाज़ से, मिला सुकून मुझे तेरी पवित्र छाँव के पास में। [Outro] मुक्ति तो बस प्रभु की ही देन है, तेरे आशीर्वाद में ही रूह का चैन है। (Melodic humming and fading out...)

