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Ten descent names(hindu)

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V6

[Verse 1] जब समंदर अंधेरे हुए मत्स्य आए चांदी धारा छोटी पंख चमकती बहती सुबह लाए प्राचीन वंश में [Verse 2] कूर्मा ने पहाड़ थामा पत्थर जैसा कवच धीरज पीठ पर संसार अग्नि झाग स्थिर जैसे घर का दिल [Pre-Chorus] तब धरती बल को पुकारा गहराई से लंबी पुकार एक एक करके रूप उठे जैसे अज्ञात कोई प्रार्थना [Chorus] दशावतार नाम एक दिव्य ज्वाला (एक दिव्य ज्वाला) दशावतार नाम वही घूमता पहिया [Verse 3] वराह ने फाड़ी रात कीचड़ धरती उठाई रोशनी में नरसिंह ने तोड़ा डर अंतिम सिंह की सांस गरजती पास [Verse 4] वामन आए विनम्र पैरों से तीन कदमों में स्वर्ग मिला परशुराम धारा और प्रण से काटा राजाओं का अहंकार [Pre-Chorus] फिर राम आए वन की शोभा धनुष मजबूत खोज में थामा कृष्ण आए हंसती आंखों से शोक को मोड़ा सुबह की ओर [Chorus] दशावतार नाम एक दिव्य ज्वाला (एक दिव्य ज्वाला) दशावतार नाम वही घूमता पहिया [Bridge] सिद्धार्थ गौतम चुप चतुराई सिखाया राख को पहचान हर जख्म चौड़ा खुल सकता है हर सांस मार्गदर्शक बन सकती [Verse 5] और जब लोहे की शाम ठंडी कल्कि सवार चमक थामे हुए आखिरी सफेद घोड़ा बारिश में दर्द खत्म और फिर से शुरू [Final Chorus] दशावतार नाम एक दिव्य ज्वाला (एक दिव्य ज्वाला) दशावतार नाम वही घूमता पहिया दशावतार नाम एक दिव्य ज्वाला (एक दिव्य ज्वाला) दशावतार नाम करुणा सीखती तुम्हारा नाम