
Ban Bolat Aaj — The Forest Speaks Today
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Ā... ā... Ā... re... Na-re... nom... Nom... tom... na-re... सुन री सखी, बन बोलत आज पंखन में जाग्यो साज Ā—re...! Nom... ta-na... फूल झरैं, मन मेरो रोयो रे मोहि मारग दिखायो रे Ā... ā... Re... na... Ā... nom... tom... अँधियारो गयो रे नील उजास मोहि पार उतारै नाम की डोरी घर लै जाय रे Ā... re... Na-re... nom... Nom... tom... Ā...

