
[Verse 1] ओ, तुम्हें शांति मिले, सब कुछ जुड़ जाएगा। विचार बनते हैं शब्द, मन में चमत्कार जागता है। आख़िर हमें ही मिला ये वरदान — हम हैं जादू के निर्माता। तुम्हें शांति मिले। [Verse 2] हवा में पंख बनो, क़िस्मत से मत लड़ो। जो संघर्ष में उलझे रहे, वे राह नहीं पहचानो। हर पथ उजाला लिए है, जो जागे वो देखे सच्चाई। और बच्चे समझ लेंगे जो तुमसे छूटा कहीं। [Chorus] तुम्हें शांति मिले, सब कुछ जुड़ जाएगा। विचार बनते हैं शब्द, मन में चमत्कार जागता है। आख़िर हमें ही मिला ये वरदान — हम हैं जादू के निर्माता। तुम्हें शांति मिले। [Verse 3] हर शब्द तुम्हारा ले जाता है जॅह (Jah) का संदेश। दुनिया खुद को देखती है हमारी आँखों के प्रतिबिंब में। नींद से अब जागो, सुबह कितनी सुंदर है। खिड़की से बाहर देखो — वहाँ हर उत्तर है। [Chorus] तुम्हें शांति मिले, सब कुछ जुड़ जाएगा। विचार बनते हैं शब्द, मन में चमत्कार जागता है। आख़िर हमें ही मिला ये वरदान — हम हैं जादू के निर्माता। तुम्हें शांति मिले। [Outro] ओ, तुम्हें शांति मिले, ओ, तुम्हें शांति मिले, ओ, तुम्हें शांति मिले।


