
[Intro] (Soft acoustic guitar and Indian flute (Bansuri), slowly building a melodious and peaceful atmosphere) [Verse 1] मूर्ख मन ये कहता है, ईश्वर का नहीं है नाम (A) अंधकार में वो चले, भूल गए प्रभु का धाम (A) अभिमान की राहों पर, भटक रहे हैं वो दूर (B) प्रभु के पवित्र वचन को, कर दिया है चकनाचूर (B) [Verse 2] स्वर्ग के ऊंचे सिंहासन से, पिता हमारी ओर निहारे (A) क्या कोई भी ऐसा है, जो प्रभु को आज पुकारे (A) पर भटकी हुई ये आत्माएं, चलती हैं बिल्कुल अकेली (B) प्रभु के सुंदर मुखड़े से, छुप रही हैं बनके पहेली (B) [Chorus] पर धर्मी जनों के संग है, परमेश्वर हर रात में (A) वही हमारी शरण है, और ज्योति हर एक बात में (A) सिय्योन से मुक्ति आएगी, और स्वतंत्र हम हो जाएंगे (B) आनंद और अनंत आज़ादी के, गीत सदा हम गाएंगे (B) [Verse 3] अंधेरे के ये काम करने वाले, निर्बलों को हैं सताते (A) सृष्टिकर्ता का नाम कभी, वो अपने होंठों पे ना लाते (A) पर दीनों और नम्र जनों को, प्रभु ही तो बचाएगा (B) अपने सारे बच्चों को वो, हर शर्म से छुड़ाएगा (B) [Chorus] पर धर्मी जनों के संग है, परमेश्वर हर रात में (A) वही हमारी शरण है, और ज्योति हर एक बात में (A) सिय्योन से मुक्ति आएगी, और स्वतंत्र हम हो जाएंगे (B) आनंद और अनंत आज़ादी के, गीत सदा हम गाएंगे (B) [Bridge] जब प्रभु अपने लोगों का, भाग्य फिर से लौटाएगा (A) सिंहासन के सम्मुख हर कोई, नया गीत एक गाएगा (A) याकूब मगन हो जाएगा, इस्राएल भी खुशियां मनाएगा (B) क्योंकि हमारा प्यारा उद्धारकर्ता, हमें सीने से लगाएगा (B) [Instrumental Solo] (Uplifting and lively contemporary melody featuring acoustic guitar and soft tabla) [Chorus] पर धर्मी जनों के संग है, परमेश्वर हर रात में (A) वही हमारी शरण है, और ज्योति हर एक बात में (A) सिय्योन से मुक्ति आएगी, और स्वतंत्र हम हो जाएंगे (B) आनंद और अनंत आज़ादी के, गीत सदा हम गाएंगे (B) [Outro] मूर्ख मन तो दूर जाएगा, पर हम प्रभु पर रखेंगे आस (A) उसके ही मुख को खोजेंगे, रहेंगे हम उसके ही पास (A) अनंत दिन की ज्योति में, हम चलते ही जाएंगे (B) प्रभु के उत्तम अनुग्रह में, सदा को विश्राम पाएंगे (B) (Fade out on a warm, lingering acoustic chord and soft flute)

