
भुलाया नहीं जाता वो गुज़रा जमाना
(Mukhda) भुलाया नहीं जाता वो गुज़रा जमाना मुश्किल है दिल से तुझे अब मिटाना तूने तो नाता तोड़ लिया पर आज भी ज़िंदा है मेरा दीवाना (Mukhda) (Antara 1) ख़्वाबों की गलियों में तुझे ढूँढती हूँ तेरी ही आहट मैं अब सुनती हूँ भले ही तूने राहें बदल लीं तेरी ही राहों को मैं चुनती हूँ (Antara 1) (Mukhda) भुलाया नहीं जाता वो गुज़रा जमाना मुश्किल है दिल से तुझे अब मिटाना तूने तो नाता तोड़ लिया पर आज भी ज़िंदा है मेरा दीवाना (Mukhda) (Antara 2) तन्हाइयों में तेरी बातें करूँ मैं दुआओं में बस तेरा नाम भरूँ मैं एक बार वापस लौट आ साजन तेरे ही दम पे तो अब तक जी रही हूँ मैं (Antara 2) (Mukhda) भुलाया नहीं जाता वो गुज़रा जमाना मुश्किल है दिल से तुझे अब मिटाना तूने तो नाता तोड़ लिया पर आज भी ज़िंदा है मेरा दीवाना (Mukhda)

