(मुखड़ा) श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, मन मेरा हो गया सांवरे तेरे नाम। तेरी धुन में खो जाऊँ, भूलूँ जग सारा, आजा मेरे कान्हा, दे दे दर्शन प्यारा॥ (अंतरा 1) यमुना किनारे मधुर धुन सुनाऊँ, तेरे प्रेम के रंग में खुद को रंग जाऊँ। मोर मुकुट सिर ऊपर, मुख पर मुस्कान, तेरी छवि देखे बिना सूना हर शाम। मुरली की तान सुन, दौड़े मनवा, तेरे बिना लागे ना कोई अपना। राधा संग रास रचाए वृंदावन में, प्रेम की गंगा बहती तेरे चरणन में॥ (मुखड़ा) श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, मन मेरा हो गया सांवरे तेरे नाम। तेरी धुन में खो जाऊँ, भूलूँ जग सारा, आजा मेरे कान्हा, दे दे दर्शन प्यारा॥ (अंतरा 2) पीतांबर की शोभा, गले वैजयंती माला, तेरी भक्ति में मिल जाए जीवन उजाला। माखन चुराने वाले, नटखट गिरधारी, दीनों के तुम ही हो पालनहारी। ग्वालों संग खेले, रास रचाए, भक्तों के दुख हर पल में मिटाए। तेरे चरणों में मेरा सारा जहान, तू ही मेरी पूजा, तू ही भगवान॥ (मुखड़ा) श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, मन मेरा हो गया सांवरे तेरे नाम। तेरी धुन में खो जाऊँ, भूलूँ जग सारा, आजा मेरे कान्हा, दे दे दर्शन प्यारा॥ (अंतरा 3 — भावपूर्ण धीमा भाग) जब-जब दुनिया सताए मुझको, तेरा नाम सहारा दे मुझको। अंधियारे में दीप जला दे, भक्ति का मार्ग दिखा दे मुझको। तेरी कृपा से नैया पार लगे, हर मुश्किल आसान लगे। बस इतनी सी अरदास है मेरी, हर जन्म में तेरा दास बनूँ तेरी॥ (अंतिम मुखड़ा — धीमा से तेज़) श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, मन मेरा हो गया सांवरे तेरे नाम। तेरी धुन में खो जाऊँ, भूलूँ जग सारा, आजा मेरे कान्हा, दे दे दर्शन प्यारा॥ राधे… राधे… श्याम… राधे… राधे… श्याम…॥