(Verse 1 - ABAB) धन्य है वो जो चले नूर में, बुराई की राहों से मुड़ता है वो। मगन रहता रब के ही कानून में, उम्मीदों के बीजों को बोता है वो। (Chorus - AABB) उस पेड़ के जैसा जो लगा हो किनारे, जीता है मसीह के पवित्र सहारे। हर मौसम में वो फल लाता है, पत्ता उसका कभी न मुरझाता है। (Verse 2 - ABAB) वो भूसे के जैसा उड़ता नहीं, जो हवा के झोंकों में खो जाए। ईमान में अपने वो झुकता नहीं, चाहे मुश्किलें कितनी भी आएँ। (Chorus - AABB) उस पेड़ के जैसा जो लगा हो किनारे, जीता है मसीह के पवित्र सहारे। हर मौसम में वो फल लाता है, पत्ता उसका कभी न मुरझाता है। (Bridge - AABB) खुदा जानता है धर्मियों की राह, वही है हमारा सच्चा पनाह। उसकी हुज़ूरी में गहरा सुकून, पूरा करेगा वो हर एक वचन। (Outro - ABAB) उसकी मुहब्बत में जड़ें जमीं, रूह की हिदायत है साथ खड़ी। मन मेरा ताज़ा और रूह है जवां, धन्य है वो जिसका खुदा पर यकीं।