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Marichika (full Hindi)

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V6

[Intro: breathy, ornamented melisma over droning sitar and tabla] आ… आ… आ… मरीचिका… (हे!) [Verse 1] रेत पे लिखीं कुछ अधूरी बातें हवा ने पी ली कितनी ही रातें सीने पे बोझ है, साँस भी कम है हर मुस्कान के पीछे इक ग़म है टूटे घुँघरू की आवाज़ पुरानी गाती है अब भी वही कहानी [Pre-Chorus: rising toms, tambourine] आँख में सुरमा, दिल में राख जो भी जला, हो गया ख़ाक राह है लंबी, साया है साथ कौन सुनेगा अब मेरी बात [Chorus: group chant, claps, dhol hits] मरीचिका, मरीचिका प्यास न बुझे रे, जल दिखा जितना दौड़ूँ, दूर वो जाए जो चाहूँ, वो रेत हो जाए मरीचिका, मरीचिका दिल ने माँगा, दिल ने सीखा प्यास का भी एक है तरीक़ा [Verse 2] तुमने कहा था, लौट के आओगे इस राख में अब क्या तुम पाओगे मेरे भीतर एक कुआँ था गहरा जिसमें डूब गया हर एक ही चेहरा मैंने भी सीखा है ख़ुद में रहना दर्द का बोझ बिना कहे ही सहना [Pre-Chorus] आँख में सुरमा, दिल में राख जो भी जला, हो गया ख़ाक राह है लंबी, साया है साथ कौन सुनेगा अब मेरी बात [Chorus] मरीचिका, मरीचिका प्यास न बुझे रे, जल दिखा जितना दौड़ूँ, दूर वो जाए जो चाहूँ, वो रेत हो जाए मरीचिका, मरीचिका दिल ने माँगा, दिल ने सीखा प्यास का भी एक है तरीक़ा [Bridge: sparse, sitar and bass, voice almost whispered] जो बचा है, वो भी ले लो ख़ाली झोली, अब क्या डर हो भार नहीं तो कैसा रोना राख से ही फिर उगता सोना [Long Percussion Breakdown: tabla, dholak, congas, tribal toms, phaser sweeps; chanted over it] धा, धिन, धिन, धा | धा, तिन, तिन, ता हे! हे! (claps) धूल उड़ी, धूल उड़ी तपती रेत, तपती रेत मरीचिका… (build into the final chorus) [Final Chorus: full group, biggest dhol and tom fills] मरीचिका, मरीचिका प्यास न बुझे रे, जल दिखा जितना दौड़ूँ, दूर वो जाए जो चाहूँ, वो रेत हो जाए मरीचिका, मरीचिका दिल ने माँगा, दिल ने सीखा राख से ही फिर उगता सोना [Outro: fading, tape echo] मरीचिका… मरीचिका… राख से ही फिर उगता सोना… [Fade Out] [End]