
ASMD भर दे झोली मेरी... ग़रीब नवाज़.
[Intro - Instant Vocal Hook, No Alaap, Deep Pain] भर दे झोली मेरी, ग़रीब नवाज़... [Verse 1 - Intense Emotion, Slow Dholak Beat, Soft Harmonium, Heart-Wrenching] दर पे तेरे आया हूँ मौला सूनी झोली फैलाए बैठा भूख की आग में जलती रातें ताने सुनते-सुनते हम हो गई आँखें पत्थर जैसी फिर भी तुझपे आस लगाए ग़रीब नवाज़ ही जाने कब होगी उस पार भेजने की घड़ी कब सूनी झोली में आएगी हरी झड़ी तेरे सिवा नहीं कोई दर बस तू ही तो है मेरी डगर [Pre-Chorus - Hope Rising, Soft Tabla Joins, Vocals Strained] एक तिनके की आस लगाए दिल ये तुझको पुकार रहा है तेरी दहलीज़ पे सर को झुकाए कब से खड़ा ये बंदा तुझे बुला रहा है [Chorus - Euphoric, Dholak Driven, Call and Response, No Clapping] भर दे झोली मेरी, ऐसे भर दे चाहत का दरिया उतार दे भर दे झोली मेरी, ऐसे भर दे दर्द का बादल उतार दे ख़्वाजा जी, ग़रीब नवाज़ जी मोइनुद्दीन, मोइनुद्दीन तू ही सबका सहारा है तू ही जग का किनारा है [Bridge - Gratitude, Slow, Sarangi Feel, Emotional] माँगा था एक तिनका दरबार से मिला ताज तेरी नवाज़िश का, मौला नहीं कोई अंदाज़ रूखे थे होंठ, सूखी थी राहें तेरी बूँद ने सब कुछ भिगो दिया जो तूने भर दी झोली उसने पूरा जहाँ खिला दिया [Chorus - More Intense, Group Vocals, Dholak and Tabla Drive] भर दे झोली मेरी, ऐसे भर दे चाहत का दरिया उतार दे भर दे झोली मेरी, ऐसे भर दे रहमत का बादल बरस दे अजमेरी, अजमेरी ख़्वाजा अजमेरी, ग़रीब नवाज़ मेरी आस का तू नूर है मेरे दर्द का तू हुज़ूर है [Outro - Dholak and Harmonium Fade Out, Devotional Humming, Slow] भर दे झोली मेरी... ग़रीब नवाज़... हो... भर दे झोली... जय ग़रीब नवाज़...

