
[Verse 1] हे प्रभु मेरे परमेश्वर, तुझमें मैं छिप जाऊं, अपने पास सुरक्षित रख, मैं तेरा ही कहलाऊं। सिंह के समान कहीं वो मेरे प्राण न फाड़ें, कोई बचाने वाला न हो, जब वो मुझे पछाड़ें। [Chorus] उठ हे प्रभु, अपनी सच्ची महिमा में आ, मेरे न्याय के लिए तू अपनी ज्योति दिखा। तू करता है पृथ्वी का न्याय पूरी कृपा के साथ, मुझे सुरक्षित रखेगा, तेरा ही दयालु हाथ। [Verse 2] अगर मैंने किया हो कोई भी बुरा काम, या मित्र को दिया हो मैंने कोई भी इल्ज़ाम। तो दुश्मन आए पास और मुझे वो डराए, पर तेरा प्रेम मुझे मेरे हर डर से बचाए। [Chorus] उठ हे प्रभु, अपनी सच्ची महिमा में आ, मेरे न्याय के लिए तू अपनी ज्योति दिखा। तू करता है पृथ्वी का न्याय पूरी कृपा के साथ, मुझे सुरक्षित रखेगा, तेरा ही दयालु हाथ। [Bridge] परमेश्वर मेरी ढाल है, जो धर्मी को बचाता, उसकी महान शक्ति पर मेरा विश्वास है जाता। दुष्ट गिरेंगे उसी जाल में जो उन्होंने बिछाया, उसी फंदे में फंसेंगे जो दूसरों के लिए बनाया। [Instrumental Flute and Acoustic Guitar Solo] [Chorus] उठ हे प्रभु, अपनी सच्ची महिमा में आ, मेरे न्याय के लिए तू अपनी ज्योति दिखा। तू करता है पृथ्वी का न्याय पूरी कृपा के साथ, मुझे सुरक्षित रखेगा, तेरा ही दयालु हाथ। [Outro] मैं गाऊंगा स्तुति सर्वोच्च परमेश्वर की, उसका सच्चा प्रेम है महिमा जीवन भर की। मेरा मन है आनंदित, सुरक्षित और आज़ाद, सच्चे न्यायी ने सुनी है मेरी यह फरियाद। [End]

