
[Hook] अब तो आ जाओ... ख़्वाजा जी... मेरी दुनिया बसा जाओ... टूटे दिल को सहला जाओ... हर दर्द मिटा जाओ... अब तो आ जाओ... ख़्वाजा जी... मेरी दुनिया बसा जाओ... रोती रूह को अपना लो... हर दर्द मिटा जाओ... [Chorus] हर तरफ़ ग़म का साया है... दिल ने तुझको बुलाया है... अब तो आ जाओ... ख़्वाजा जी... मेरी दुनिया बसा जाओ... [Verse 1] ग़म की रातें लंबी हैं... आँखें भीगी-भीगी हैं... तेरे बिना ऐ ख़्वाजा जी... साँसें भी बोझिल हैं... तेरी रहमत का दरिया... अब तो मुझ तक आए... बुझती हुई इस रूह में... फिर से नूर जगाए... [Verse 2] तेरे दर से दूर हूँ मैं... मजबूरी में चूर हूँ मैं... तेरी चौखट का दीवाना... तेरे नाम में नूर हूँ मैं... मेरी आँखों का पानी... अब अरज़ी बन आया है... तेरे बिना ये दिल मेरा... हर पल टूटता जाता है... [Bridge] हक़ ख़्वाजा... हक़ ख़्वाजा... या ग़रीब नवाज़... तेरे दर का हूँ सवाली... तू सबका रखवाला... मेरी सूनी झोली में अब... अपनी रहमत भर दे... [Verse 3 - Ajmer Connection] अजमेर की गलियों में... तेरी रहमत बरस रही... तेरे दर पे हर बेबस की... आहें सँवर रहीं... ग़रीब नवाज़ तेरी... इनायत का आलम... हर टूटे दिल को यहीं... मिलता है मरहम... [Outro] अब तो आ जाओ... ख़्वाजा जी... मेरी दुनिया बसा जाओ... हर दर्द मिटा जाओ... अब तो आ जाओ... [End]

