
तुझसे मिलने के बहाने टिफिन देने के बहाने, तेरा मुझसे मिलने आना, एक नज़र न मिल पाए तो, तेरा खफा सा हो जाना... घंटों तेरी दुकान के सामने, बैठा रहता था चुपचाप, तेरी गली के चक्कर लगाऊँ, हर छोटे से बहाने के साथ... गुरु मन्दिर के दर्शन को चलूँ, पर नज़र बस तुम्हे ही ढूँढ़ती है, तेरे बिना एक घूँट भी, पानी नहीं उतरता ये गले से... फोन पे तेरी आवाज़ सुनूँ, बस यही दुआ करता था, तेरे भाई के हाथों थमाया, वो प्यार भरा लेटर मेरा... तेरा छुप छुप कर, मुझसे मिलने आना, घंटों एक साथ , एक कमरे में बिताना, जिस दिन न मिलू मै, तो तेरा तिलमिलाना, दो तीन दिनों तक , फिर फोन ना लगाना, फिर मिल कर , गले लग जाना, याद है आज भी मुझे, वो गुजरा जमाना। जिंदगी की भागदौड़ में, खो गया हूं कही पर , लेकिन दिल बस तुम्हें ही पुकारे, आज भी वो चाहत बाकी है, तेरी मुस्कान देखने की... आँखों में तेरी छवि, दिल में तेरा नाम, तेरे बिना सूना जहां है, और सूनी - सूनी सी शाम... राजगढ़ की राह पे चलते चलते, आशु को लगी थी भूख, पर मुझे तो बस चाहिए थी, तेरी एक झलक और तुमसे मुलाकात... आई लव यू अंतू, तेरे बिना ये दिल सूना है, तू ही तो है मेरी रौशनी, "शैलू" का दिल कहता है बार - बार, तुझसे है मेरी हर खुशी... ♡

