
[Intro - soft sufi alaap, emotional] या गरीब नवाज़... या मोइनुद्दीन... तेरे दर का नूर दिल में उतरता जाए... जो भी तेरे दर पे आया, खाली ना गया... आज ये फकीर भी तेरे करम को पुकारे... [Chorus - catchy, repeatable hook] ख्वाजा मेरे ख्वाजा, दर पे बुला लो... सूनी है ये राहें, कदमों में सजा लो... ख्वाजा मेरे ख्वाजा, रहमत बरसा दो... टूटा हुआ दिल है, फिर से बना दो... [Verse 1] दुनिया ने ठुकराया, तेरे पास आया हूँ, हर एक दर से खाली, अब तेरे दर आया हूँ... मेरी सांसों में तेरा नाम बस जाए, मेरी रूह भी तेरे रंग में रंग जाए... [Chorus] ख्वाजा मेरे ख्वाजा, दिल ये पुकारे... तेरे बिना अब ना कोई सहारे... ख्वाजा मेरे ख्वाजा, नज़रें करम कर दो... इस डूबती कश्ती को पार कर दो... [Verse 2] तेरे दर की मिट्टी में जन्नत की खुशबू है, हर एक आह यहाँ बनती दुआ की आरज़ू है... मैं जो गिरा तो तूने ही संभाल लिया मुझको, मेरी हर सांस पे तेरी रहमत का जादू है... [Chorus - higher energy] ख्वाजा मेरे ख्वाजा, नूर दिखा दो... अंधेरी सी राहों को रौशन बना दो... ख्वाजा मेरे ख्वाजा, अपना बना लो... भटके हुए दिल को रास्ता दिखा दो... [Bridge - slow + emotional build] तेरी गलियों में जो भी सर झुका जाता है, उसके हर दर्द का मरहम मिल जाता है... तेरे करम की बारिश ऐसी बरसती है, सूखा हुआ दिल भी दरिया बन जाता है... [Chorus - full energy] ख्वाजा मेरे ख्वाजा, करम कर दो... इस बंदे पे अपनी नज़र कर दो... ख्वाजा मेरे ख्वाजा, बुलावा दे दो... इस रूह को अपने दर का पता दे दो... [Outro - emotional, powerful, repeat hook] या गरीब नवाज़... मेरी सुन ले सदा... तेरे दर पे आया हूँ, ना कर मुझको जुदा... तेरे नाम का सहारा, तेरे दर का नज़ारा... बस यही है मेरी दुनिया, बस यही है किनारा... ख्वाजा मेरे ख्वाजा, दर पे बुला लो... मरते दम तक मुझे अपना बना लो... ख्वाजा मेरे ख्वाजा, रहमत बरसा दो... इस फकीर की झोली दुआओं से भर दो... या मोइनुद्दीन... या गरीब नवाज़... तेरे बिना अब कोई आस नहीं... तेरे बिना अब कोई राह नहीं... बस तू ही तू है... तू ही तू है... ख्वाजा... मेरे ख्वाजा...

