
ASMD अजय पाल का गुरूर और ख्वाजा का नूर
[Intro: Soulful Harmonium with a steady, rhythmic Medium-Paced Tabla beat] (रूहानी आलाप और मध्यम ताल में तबले की मीठी गूँज) अल्लाह हू... अल्लाह हू... या ख्वाजा! [Spoken Word 1: Calm, deep, and clear voice over steady music] तारीख गवाह है कि जब राजा पृथ्वीराज के जादूगर अजय पाल ने ख्वाजा गरीब नवाज़ पर खौफनाक सांपों, बिच्छुओं और जादुई चक्रों की बारिश कर दी । मगर ख्वाजा जी ध्यान में बैठे रहे और अपने मुरीदों के चारों ओर सिर्फ एक घेरा (circle) खींच दिया, जिसके अंदर कोई जादू असर न कर सका । ये ख्वाजा का सब्र था, और उनका रूहानी जलाल भी... [Chorus: Melodious, rhythmic, and soulful group vocals] मेरे ख्वाजा का नूर, है अल्लाह का नूर, तेरी चौखट पे आकर, मिटा हर गुरूर। या ख्वाजा पिया, मेरे ख्वाजा पिया, तूने आशिक़ के दिल को, मुहब्बत से सीया। [Verse 1: Solo Qawwal, singing with deep emotion and steady rhythm] जब चक्र चले और आग उठी, मेरे ख्वाजा ने बस सब्र किया, तूफानों का भी रुख मोड़ा, अल्लाह के नाम का ज़िक्र किया । कोई खौफ नहीं उस बन्दे को, जो खुदा की राह पे चलता है, अजमेर की पाक़ ज़मीन पे ही, हर बिगड़ा मुकद्दर बनता है। [Spoken Word 2: Music lowers slightly, keeping the rhythmic tabla alive] हार मानकर जब अजय पाल अपनी जादुई छाल (mirgacha) पर बैठकर आसमान में उड़ने लगा, तो ख्वाजा जी ने अपनी 'नलयैन' (खड़ाऊं) को हवा में हुक्म देकर भेजा । आसमान में उड़ते जादूगर का गुरूर उसी खड़ाऊं ने तोड़ा, और उसे आसमान से ख्वाजा जी के कदमों में ला गिराया । [Chorus: Vocals lift up with spiritual energy but stay melodious] मेरे ख्वाजा का नूर, है अल्लाह का नूर, तेरी चौखट पे आकर, मिटा हर गुरूर। [Verse 2: Medium pace, highly devoted tone] सजदे में गिर कर जादूगर ने, जब हाथ जोड़ कर माफ़ी ली, ख्वाजा की एक ही नज़र, उसकी बख्शीश के लिए काफी थी । कल का जो था अजय पाल, आज 'अब्दुल्ला बयाबानी' है , ये मेरे गरीब नवाज़ की, एक रूहानी कहानी है। [Outro: Rhythmic Tabla slowly fading with deep Harmonium] अल्लाह हू... अल्लाह हू... या ख्वाजा पिया... करम की एक नज़र... (धीमी और मीठी थाप के साथ फेड आउट)

