[Hook sarangi instrumental] [अंतरा 1] तेरी ख़ामोशी में भी, एक गीत सा बजता है, तेरी हर नज़र में, मेरा ही अक्स सजता है। शाम की चाय, वो पुरानी सी धुन, तेरे साथ हर लम्हा, लगता है सुकून। [मुखड़ा (कोरस)] तुझसे जुड़ी हर बात में, इश्क़ की रौशनी है, तू पास हो या दूर सही, दिल में बंदगी है। सांसों की लय में तू, ख्वाबों की ताबीर है, मेरे हर अधूरे पल की, तू ही तस्वीर है। [Hook sarangi instrumental] [अंतरा 2] बरसों पुराने ख़तों में, तेरा नाम मिला, हर टूटे से ख़्वाब को, तुझमें आराम मिला। तेरी हँसी वो सुबह, जो देर से आई हो, मेरे सूने से दिल ने, तुझसे रिहाई हो। [मुखड़ा (दोहराव)] तुझसे जुड़ी हर बात में, इश्क़ की रौशनी है, तू पास हो या दूर सही, दिल में बंदगी है। [ब्रिज] अगर वक़्त ठहर जाए, तेरा हाथ थाम लूँ, इस एक पल में ही, सारी उम्र जान लूँ। [अंतरा 1] तेरी ख़ामोशी में भी, एक गीत सा बजता है, तेरी हर नज़र में, मेरा ही अक्स सजता है। शाम की चाय, वो पुरानी सी धुन, तेरे साथ हर लम्हा, लगता है सुकून। [मुखड़ा (कोरस)] तुझसे जुड़ी हर बात में, इश्क़ की रौशनी है, तू पास हो या दूर सही, दिल में बंदगी है। सांसों की लय में तू, ख्वाबों की ताबीर है, मेरे हर अधूरे पल की, तू ही तस्वीर है। [Hook sarangi instrumental] [अंतरा 3] ना वादों का शोर चाहिए, ना कसमें भारी, बस तेरी एक नज़र, और शाम हमारी। तू लफ़्ज़ों से आगे, एहसास सा लगता है, तेरे बिना ये दिल, अधूरा सा लगता है। [अंत (आउट्रो)] जब तक ये धड़कन है, तेरा नाम रहेगा, मेरी हर कहानी में, बस तेरा काम रहेगा। [Hook sarangi instrumental]


