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ASMD ख्वाजा की चौखट पे हम सर झुकाए जा रहे हैं

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V5.5

[Intro: Free Tempo, Slow Harmonium and Soulful Alaap] या ख्वाजा, या मोईनुद्दीन, या गरीब नवाज़ करम की नज़र अता हो, करम करम करम मेरे ख्वाजा करम... [Catchy Chorus: Rhythmic Tabla and Handclaps begin] ख्वाजा की चौखट पे हम सर झुकाए जा रहे हैं, ख्वाजा की चौखट पे हम सर झुकाए जा रहे हैं। बिन मांगे ही मेरे ख्वाजा सब कुछ दिए जा रहे हैं, हम ख्वाजा के टुकड़ों पे पले जा रहे हैं, पले जा रहे हैं, पले जा रहे हैं... ख्वाजा की चौखट पे हम सर झुकाए जा रहे हैं। [Verse 1: Slightly slower, focused on main vocal] ख्वाजा की निगाहे-करम से हर दर्द मेरा मिट गया, अंधेरी रातों में उम्मीद का नया चिराग जल गया। जब से पुकारा है दिल से मैंने ख्वाजा पिया को, मुसीबतों का हर बादल मेरे सर से टल गया। [Pre-Chorus: Building up tempo] मुझ गरीब पे भी मेरे आका ने कुछ ऐसी मेहरबानी की, कि भंवर में फंसी मेरी नाव को साहिल मिल गया। [Chorus: High Energy with Backup Singers] बिन मांगे ही मेरे ख्वाजा सब कुछ दिए जा रहे हैं, हम ख्वाजा के टुकड़ों पे पले जा रहे हैं, पले जा रहे हैं, पले जा रहे हैं... ख्वाजा की चौखट पे हम सर झुकाए जा रहे हैं। [Outro: High pitch main vocal, intense tabla, fading out] हम ख्वाजा के टुकड़ों पे पले जा रहे हैं... या ख्वाजा, या गरीब नवाज़, करम करम! ख्वाजा पिया... करम करम! [End]