
[Verse 1] गिरकर भी उठना है रात से लड़ना है धूल जो लगी है उसको भी धोना है कल की वो थकान आज नहीं चलती सीने में जो आग है उसे ही जलना है [Pre-Chorus] अब सांस संभाल अब पांव बढ़ा जो टूट गया था उसे फिर जगा डर को कह दे अब दूर रहे तेरी ही राह पे तू तेज़ चले [Chorus] गिरकर भी उठना है सपनों को छूना है अब रुकना नहीं यार खुद को ही जीतना है गिरकर भी उठना है सपनों को छूना है अब रुकना नहीं यार खुद को ही जीतना है [Verse 2] भीड़ के शोर में अपनी ही सुन जो तुझमें है बाकी उसको तू चुन काँटे हों चाहे राह में हर मोड़ तेरे कदमों को ना कोई रोके अब टूटा हुआ मन फिर से जोड़ ले अपनी ही जीत का झंडा तू छोड़ दे [Pre-Chorus] अब सांस संभाल अब पांव बढ़ा जो टूट गया था उसे फिर जगा डर को कह दे अब दूर रहे तेरी ही राह पे तू तेज़ चले [Chorus] गिरकर भी उठना है सपनों को छूना है अब रुकना नहीं यार खुद को ही जीतना है गिरकर भी उठना है सपनों को छूना है अब रुकना नहीं यार खुद को ही जीतना है [Bridge] ये जो घाव हैं ये भी बीतेंगे जो तेरे अपने हैं वो ही जीतेंगे एक बार और दिल से पुकार अब तू ही अपना सबसे बड़ा हथियार [Final Chorus] गिरकर भी उठना है सपनों को छूना है अब रुकना नहीं यार खुद को ही जीतना है गिरकर भी उठना है सपनों को छूना है अब रुकना नहीं यार खुद को ही जीतना है खुद को ही जीतना है खुद को ही जीतना है

