
रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सम्मति दे भगवान..... धर्म की ज्योति जग में जलाओ मन से अंधकार मिटाओ सत्य प्रेम का दो संदेश सीता राम, सीता राम...... निर्धन के तुम हो सहारा दुखियों का तुम हो उजियारा करुणा सिंधु दयाल राम सीता राम, सीता राम..... मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा एक ही ज्योति सब में सारा सब में बसता एक ही राम सबको सम्मति दे भगवान...... मर्यादा पुरुषोत्तम राम न्याय धर्म के रक्षक राम जन जन के तुम हो प्राण सीता राम, सीता राम...... जानकी माता शक्ति स्वरूपा सहन शक्ति की पवित्र रूपा त्याग और धैर्य की पहचान सीता राम, सीता राम...... मन मंदिर में राम बसाओ झूठ कपट सब दूर भगाओ प्रेम से बोलो उनका नाम सीता राम, सीता राम...... युद्ध द्वेष सब दूर हो जाए प्रेम का दीप जग में जल जाए शांति बरसाओ हे भगवान सबको सम्मति दे भगवान...... ना कोई बड़ा ना कोई छोटा सबका मालिक एक ही होता एक पिता के हम सब संतान सबको सम्मति दे भगवान...... जब जब जीवन अंधियारा नाम तुम्हारा बने सहारा पकड़ो प्रभु हम सबका हाथ सीता राम, सीता राम...... तन मन धन सब अर्पण तेरा तू ही सहारा तू ही बसेरा चरणों में दे दो स्थान सीता राम, सीता राम...... घट घट में तुम रमते हो प्रेम से सबको थामते हो हर जीव में तेरा ही ज्ञान सबको सम्मति दे भगवान...... अंत समय जब प्राण निकले राम नाम मुख से ही निकले यही हो जीवन का वरदान सीता राम, सीता राम....... रघुपति राघव राजा राम पतित पावन सीता राम ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सम्मति दे भगवान.......
