
Jai Jagannath! Jagannath Rath Yatra Festival Anthem रथ की जयकार
रथ की जयकार [Verse 1] जय जगन्नाथ, पुरी की शान आज सजे हैं देखो आसमान रथ पे आए मेरे नंदलाल भक्तों के मन में उठे उछाल ---------------------------------- चंदन की खुशबू, फूलों की हार सुनो नगर में जय जयकार ढोलक की थाप पे पाँव थिरकें मोरपंखी सपने सब जागें [Chorus] आओ रे, जगन्नाथ जी आए दिल से हम सब मंगल गाए आओ रे, रथ को सजाए जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ भक्तों के संग वो मुस्काए सबके दुख हरते, कृपा बरसाए आओ रे, रथ को सजाए जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ [Instrumental Interlude] [Verse 2] सिंधुरी धूप, कपूर की धार गूंजे गगन में हर एक पुकार मंज़िरा बोले, खनक-खनक भक्ति नाचे पल-पल, झनक-झनक गली-गली में उमड़ी भीड़ मन में बस गई प्रभु की पीर सबने उठाई प्रेम की बाती आज रथयात्रा है, सौगात सी [Chorus] आओ रे, जगन्नाथ जी आए दिल से हम सब मंगल गाए आओ रे, रथ को सजाए जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ भक्तों के संग वो मुस्काए सबके दुख हरते, कृपा बरसाए आओ रे, रथ को सजाए जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ [Instrumental Interlude] [Verse 3] शंख बजे तो हृदय खिले हर एक मन में दीप जले माखन-सा मीठा उनका नाम भर दे जीवन में नव अभिराम हे नाथ, तुम्हारी लीला महान तुम ही हो सबके प्राणों की जान हाथ जोड़कर हम यही कहें तुम रहे सदा, हम भक्त रहें [Bridge] रथ के आगे सिर झुक जाए प्रेम का सागर उमड़ आए जगन्नाथ मेरे, सुन लो पुकार ले चलो हमको अपने द्वार [Chorus] आओ रे, जगन्नाथ जी आए दिल से हम सब मंगल गाए आओ रे, रथ को सजाए जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ भक्तों के संग वो मुस्काए सबके दुख हरते, कृपा बरसाए आओ रे, रथ को सजाए जय जगन्नाथ, जय जगन्नाथ

