
Vishwa-guru! v1
[Intro] (तेज़ गायन की घंटी - Cowbell Melody) (भारी बास और ड्रिफ्ट फ़ोन्क बीट) (Deep background chanting: ॐ... ॐ...) [Verse 1] हिमवत की चोटी से सागर की लहर तक गूँज रही हुंकार अब तो आठों पहर तक ऋग्वेद की ऋचाओं से डिजिटल युग का मेल इतिहास के पन्नों पर शुरू हुआ अब खेल आधुनिक शक्ति, शाश्वत है प्राण विश्व पटल पर भारत की शान! केसरिया आग, श्वेत शांति का रूप हरा भरा देश, जैसे खिली हो धूप! [Chorus] विश्वगुरु! (हे!) विश्वगुरु! (हो!) राष्ट्रों के शिक्षक, अब जान लो तुम! विश्वगुरु! (हे!) विश्वगुरु! (हो!) अतीत की जड़ों से भविष्य को चूम! विश्वगुरु! (Heavy Phonk Bass Drop) (Cowbell Solo) [Verse 2] सिलिकॉन वैली से चाँद के उस पार अरबों दिलों में बस एक ही विचार धर्म है आत्मा में, विज्ञान है हाथ में विजय का संकल्प है हर एक बात में योग गया पश्चिम, शून्य दिया जग को शक्ति की इस ज्वाला ने पहचाना मग को अब न मौन होगा, न होगा इंतज़ार स्वर्ण द्वार पर खड़ा है अपना भारत द्वार! [Chorus] विश्वगुरु! (हे!) विश्वगुरु! (हो!) राष्ट्रों के शिक्षक, अब जान लो तुम! विश्वगुरु! (हे!) विश्वगुरु! (हो!) अतीत की जड़ों से भविष्य को चूम! विश्वगुरु! [Bridge] (लय तेज़ होती हुई - Tempo Accelerates) (बांसूरी और इलेक्ट्रिक गिटार का संगम) अहम् ब्रह्मास्मि! (Aham Brahmasmi!) सत्यमेव जयते! (Satyam Eva Jayate!) प्रकाश लौट आया है! चक्र घूम चुका है! विश्वगुरु! विश्वगुरु! विश्वगुरु! विश्वगुरु! [Guitar Solo / High-Energy Synth] [Verse 3] गंगा की धारा से शहरों की चमक तक ऊँचाइयों की आज अंतिम दमक तक वसुधैव कुटुंबकम, एक ही सपना पूरा विश्व आज है परिवार अपना दुनिया देख रही, दुनिया पूछे कैसे? भारत खड़ा है अब सूरज के जैसे! भारत! भारत! विश्वगुरु! [Outro] (Aggressive Phonk beat) विश्वगुरु! (हे!) विश्वगुरु! (हो!) विश्वगुरु! मुकुट वापस आया है। विश्वगुरु! (Fade out with heavy bass and Vedic chants) [End]

