
रातों की कहानियाँ
[Verse] रातों में जैसे एक कहानी उन लम्हों में बसती है जादू जिनकी छांव में मिलती है सुकून हर धड़कन में है कुछ क़ाबू [Verse 2] चाँदनी की रौशनी में खो जाना तारों की पगडंडी पे चलना उन आँसुओं में भी हो हँसी यादों की गहराई में ढलना [Chorus] रातों की कहानियाँ सुनाते चलो दिल के हर कोने में बसाते चलो रातों की तन्हाई को मिटाते चलो हर ख़्वाब को अब सजाते चलो [Verse 3] जुगनू की रोशनी सा चमकते सपनों के धागे बुनते बुनते अंधेरों में पाताओं के बीच सपनों के पंख लगते लगते [Bridge] तारों की छांव में बैठते ख्वाबों की दुनिया में जाते रात की इन बातों को दिल के हर कोने में छिपाते [Chorus] रातों की कहानियाँ सुनाते चलो दिल के हर कोने में बसाते चलो रातों की तन्हाई को मिटाते चलो हर ख़्वाब को अब सजाते चलो

