
Verse 1 अयोध्या की गलियों में, गूंजा था एक नाम, मर्यादा की मिसाल बने, मेरे प्रभु श्री राम। वन-वन भटके, दुख सहे, फिर भी मन में शांति थी, धर्म के पथ पर चलते रहे, यही उनकी शक्ति थी। Chorus राम… राम… मेरे जीवन का आधार राम, अंधेरे में भी रोशनी, मेरे हर स्वास में राम। Verse 2 सीता संग चले वनवास, लक्ष्मण बने परछाई, त्याग, प्रेम और धैर्य ने राम की कथा रचाई। रावण का जब अंत हुआ, सत्य की हुई पहचान, अधर्म हारा, धर्म जीता, जय-जय श्री राम। Chorus राम… राम… मेरे जीवन का आधार राम, संकट में जो साथ चले, वो हैं मेरे श्री राम। Bridge (Soft Emotional Part) नाम जपो तो भय मिटे, मन को मिले आराम, हर युग में अमर रहेगा, मेरे प्रभु श्री राम। Final Chorus राम… राम… सांस-सांस में बसे राम, जब तक सूरज-चांद रहें, तब तक जय श्री राम।

