
[Intro] (Soft piano intro, slow and emotional) (Indian flute or Cello swell) [Verse 1] क्रूस पर उसने पाप उठाया, नया जीवन हमें दिलाया, सर झुका कर कीमत चुकाई, "पूरा हुआ" यह आवाज़ आई, जब हम भटके राहों में, लिया हमें अपनी बाहों में [Chorus] सच यह सबको बताना है, बंधन तोड़ने वह आया है, कब्र थी गहरी, पत्थर भारी, पर मौत उससे न जीत पायी, अँधेरा टिक न पाया, तीसरे दिन वह जी आया! [Verse 2] सफ़ेद चादर में वह राजा, बंद था कब्र का दरवाज़ा, चट्टान के अंदर सो गया, पाप का अंत हो गया, उस गुफा में शांति थी, नई सुबह की भ्रांति थी [Chorus] सच यह सबको बताना है, बंधन तोड़ने वह आया है, कब्र थी गहरी, पत्थर भारी, पर मौत उससे न जीत पायी, अँधेरा टिक न पाया, तीसरे दिन वह जी आया! [Bridge] (Building up, strong vocals) मौत का अब कोई जोर नहीं, हालेलुया गायें सभी! साये भागे, रौशनी आई, ज़िंदा उम्मीद हमने पायी, खाली कब्र को आकर देखो, महिमा उसकी तुम भी देखो! [Instrumental Solo] (Melodic, uplifting, soaring strings) [Chorus] सच यह सबको बताना है, बंधन तोड़ने वह आया है, कब्र थी गहरी, पत्थर भारी, पर मौत उससे न जीत पायी, अँधेरा टिक न पाया, तीसरे दिन वह जी आया! [Outro] (Music slows down, intimate) वही है राह, वही जीवन, मिटा दिया हर डर और गम, वह यहाँ नहीं है... वह यहाँ नहीं है... वह जी उठा है. (Fade out)

