
(मतला:) दिन हो चाहे रात हो, बस तेरा साथ चाहते हैं हम, दिल में बस एक ख़्वाब है — तुझसे मुलाक़ात चाहते हैं हम। ⸻ तुमने इश्क़ में फ़ना होके खुद को यूँ मिटा दिया, हम भी तेरे इश्क़ में, वैसा ही होना चाहते हैं हम सनम ⸻ तेरी हर इक ख़ुशी में खुद को यूँ भुला देना, तेरे ही सुकून में अपना जहाँ बसाना चाहते हैं हम। ⸻ कमज़ोर न समझो हमें, हम तो तेरी ख़ुशबू से, इस सूनी सी ज़िंदगी को गुलिस्ताँ बनाना चाहते हैं हम। ⸻ आज अपनी आँखों से कुछ ऐसा नशा दे दो, जो उम्र भर न उतरे — वो जाम पीना चाहते हैं हम। ⸻ चाँद और चाँदनी को ज़मीं पर उतार सके, ऐसा तेरा करिश्मा — ये मानना चाहते हैं हम। ⸻ इश्क़ की ये बीमारी अब दिमाग़ में घर कर गई, आज जी भर के जी लें — कल क्या हो, क्या जानते हैं हम। ⸻ (मक़्ता (optional, अगर नाम जोड़ना हो तो बता देना): तेरे ही नाम से अब दिल की हर धड़कन है बंधी, अपनी हर इक साँस में तेरा ही नाम चाहते हैं हम।

