[Verse] तोड़ के बंधन सारे छोड़ दे ये डर सारे उड़ा ले सपनों को अपने गगन को चूम ले हम [Verse 2] शर्म ओ हया पे पर्दे गिरा के करनी है हम को खता ज़िद है अब तो है खुद को मिटाना छूना है बस ये जहाँ [Chorus] छोड़ो अब जो डरियाँ खो जाओ नज़रों में गोरा ये चाँदनी साया नए ख्वाब दिखाए [Verse 3] ताल पे धड़कन ताल मिलाए सुरीला गीत गाये रगों में जोश ले आए हम आगे बढ़ते जाए [Verse 4] शर्म ओ हया से आगे है नई राह बनानी हर खता से प्यार कर खुद को हमें जो पाना [Chorus] छोड़ो अब जो डरियाँ खो जाओ नज़रों में गोरा ये चाँदनी साया नए ख्वाब दिखाए