
[Intro] [fingerpicked acoustic guitar melody, light shaker] [Verse 1] [male vocals enter] मुझे एक आसमान दो नीलिमा से भरा खामोशी से गढ़ा सपने उड़ें असीम पंख फैलाकर— [acoustic guitar continues arpeggiated pattern] [Chorus] आसमान की विशालता में गहरी शून्यता में मानवता का सुर बजे सीने में कंपन उठाए [bass guitar enters] [Verse 2] मुझे एक आसमान दो जहाँ रेत के पहाड़ धूल के तूफान उड़ें तारे रोशनी बिखेरें [clean electric guitar fills] (ऊऊऊ...) [Bridge] [acoustic guitar strumming, soft kick drum] चमकती बालू-चाँदनी के नीचे भटके हुए पथिक का गीत जीवन थका हुआ नहीं आशा फिर से सृजन करती है मरूद्यान मरूद्यान मरूद्यान तुम मेरे सपनों की जगह रेगिस्तान के सीने में तुम जीवन की जीवंत चाँदनी [falsetto ad-libs] [Outro] मुझे एक आसमान दो जहाँ हृदय के हर कदम पर नए रास्ते खोजे जाएँ (ऊऊऊ...) [acoustic guitar fades out]

