
अपनी आँखों में बसाकर कोई इकरार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इकरार करूँ जी में आता है की जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इकरार करूँ मैं ने कब तुझ से ज़माने की ख़ुशी मांगी है एक हलकि सी मेरे लब ने हंसी मांगी है एक हलकि सी मेरे लब ने हंसी मांगी है सामने तुझ को बिठाकर तेरा दीदार करूँ जी में आता है की जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इकरार करूँ साथ छूटे न कभी तेरा यह क़सम ले लूँ हर खुशी देके तुझे तेरे सनम गम ले लूँ हर खुशी देके तुझे तेरे सनम गम ले लूँ हा ये महकीज तेरा ये प्यार का इज़हार करूँ जी में आता है की जी भर के तुझे प्यार करूँ अपनी आँखों में बसाकर कोई इकरार करूँ

