
हैं नाथ संभु मेरे केदारनाथ बुला लो मुझे हैं नाथ संभु मेरे केदारनाथ बुला लो मुझे बहुत दिन हो गए मुझको तेरे दरबार आना मुझको एक बार बुलाले बाबा मुझको केदारनाथ जिस दिन मुझको केदारनाथ बुलाओ बाबा में उस दिन आस्था श्रद्धा लेकर आयूँगा तेरे दरबार में आकड़ा धतूरा बेल पत्र जल चड़ाके आपको प्रसन्न करूँगा बाबा एक बार मुझे केदारनाथ बुलालो बाबा मैंने आपकी भक्ति करके सब में भूल गया बाबा एक बार बुलालों बाबा केदारनाथ

