
mere pas ho tum
(Hook) अब क्या कहें… मेरे दिल के बहुत पास हो तुम… मेरे प्यार का एक खूबसूरत एहसास हो तुम… अब क्या कहें… मेरी धड़कनों की आस हो तुम… मेरी हर दुआ में छुपा हुआ विश्वास हो तुम… (Antara 1) जब भी तेरा नाम लिया, दिल ने सजदा कर डाला… सूनी सी इन राहों में, तूने कदम रख दिए… तेरी हँसी की रोशनी से, मेरी शाम सँवर जाती है… तेरी आँखों की गहराई में, मेरी दुनिया उतर जाती है… (Hook) अब क्या कहें… मेरे दिल के बहुत पास हो तुम… मेरे प्यार का एक खूबसूरत एहसास हो तुम… (Antara 2) तेरे बिना जो पल गुज़रें, वो अधूरे से लगते हैं… तेरे संग जो लम्हे बीतें, वो पूरे से लगते हैं… तू साथ चले तो लगता है, हर रास्ता आसान है… तेरे बिना ये दुनिया सारी, बस खाली सा जहान है… (Bridge) ना सोना चाहिए, ना चाँदी, बस तेरा साथ काफ़ी है… तेरी बाँहों की छाँव मिले, तो हर मुश्किल भी हल्की है… (Final Hook – Emotional Close) अब क्या कहें… मेरे दिल के बहुत पास हो तुम… मेरी हर धड़कन की आवाज़ हो तुम… मेरी ज़िंदगी का सबसे प्यारा राज़ हो तुम… अब क्या कहें… बस इतना सा सच है सनम… मेरे आज भी तुम ही हो… और मेरे हर कल भी तुम… 💛 (Hook) हम टूट गए धीरे-धीरे, हाँ ये सच था कल का… पर आज देखो हम खड़े हैं, ये वक़्त है बदलने का… किसी ने आवाज़ न सुनी, कोई पास नहीं था… पर अब जो साथ है अपना, वो दिल ही सही था… (Antara 1) गिरते रहे, संभलते रहे, सीखते रहे हर चोट से… जख्मों को हमने सीना सीखा, अपने ही हौसलों की ओट से… जो हँसे थे हाल पे मेरे, अब नज़रें भी न मिला पाएँगे… जो छोड़ गए थे राहों में, अब पीछे ही रह जाएँगे… हम राख नहीं, अंगारे हैं, फिर से जल उठ जाएँगे… (Hook – Bigger Lift) हाँ, हम टूट गए थे धीरे-धीरे, पर खत्म नहीं हुए थे… जो चुप थे कल तक दुनिया से, आज खुद से रूबरू हुए थे… अब हम फिर खड़े हैं, सीना तान के खड़े हैं… जो डर था दिल के अंदर, उसे तोड़ के खड़े हैं… (Antara 2) ना अब कोई शिकवा है, ना कोई गिला बाकी… जो दर्द मिला था पहले, वही बना है ताक़त बाकी… रास्ते खुद बनेंगे अब, कदम जहाँ भी पड़ेंगे… अब रुकना नामुमकिन है, हम चलेंगे तो बढ़ेंगे… (Final Hook – Anthem Close) हाँ, हम टूट गए थे धीरे-धीरे, पर अब कहानी नई है… जो आवाज़ नहीं सुनी किसी ने, अब वही सबसे बड़ी है… हम फिर खड़े हैं… हाँ, हम फिर खड़े हैं… दुनिया चाहे माने ना माने, हम खुद पे अड़े हैं… 🔥

