Song Cover Image

ASMD मैं तो ख्वाजा का मलंग

+ Show full styles
V5.5

[Traditional Intro: Soulful Harmonium Solo & Deep Tabla Thap] [Alaap: High-Scale Raw Vocal, No Beats] अली मौला... ख्वाजा मौला... तेरे रंग में रंगा है, ये दिल मेरा मौला... [Direct Drop: Energetic Tabla, Dholak & Fast Claps] [Chorus: High Energy Qawwali] मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मुझे रंग दे मोईन, अपने रंग में रंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! तेरी चौखट का जोगी, मस्त मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! [Verse 1: Powerful High-Scale Vocal, Medium Tempo] नूर बरसता है ख्वाजा तेरे दरबार में, झोलियां भरती हैं ख्वाजा तेरे दरबार में। तेरा दीवाना हूँ मैं, तेरा मस्ताना हूँ, आ गया हूँ मैं भिखारी तेरे इस प्यार में। [Chorus: Passionate Call and Response] मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मुझे रंग दे मोईन, अपने रंग में रंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! [Instrumental Interlude: Classical Harmonium & Dholak Jugalbandi] [Verse 2: Expressive High-Pitch Vocal Delivery] ख्वाजा-ए-ख्वाजगां, हिंद के शाह तुम, बेकसों के लिए, रब की अता तुम। मेरे सीने में ख्वाजा बस तेरा इश्क है, और होंठों पे मेरे तेरा ही नाम है। [Chorus: Strong Male Group Vocals, Rhythmic Claps] मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मुझे रंग दे मोईन, अपने रंग में रंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! [Extended Instrumental Break: Pure Traditional Sarangi & Tabla Solo] [Verse 3: Soaring High Notes, Deep Devotional Energy] सारे भरम मेरे तूने मिटा दिए, अजमेर की राहों ने जन्नत दिखा दी। तेरी ही तलब है, तेरा ही फितूर है, मेरी इन आँखों में ख्वाजा तेरा नूर है। [Spiritual Takrar: Strong Rhythm, Energetic Vocals] (Lead) हक़ ख्वाजा! (Chorus) हक़ ख्वाजा! (Lead) या ख्वाजा! (Chorus) या ख्वाजा! (Lead) अली मौला! (Chorus) अली मौला! [Bridge: Traditional Qawwali Build-up, High-Scale Melody] नाम तेरा मेरी पहचान हुआ, तेरे दर से मेरा जहान हुआ। तन भी तेरा, ये मन भी तेरा, ख्वाजा अब हर अरमान तेरा! [Spiritual Wajd: Trance-like Repetition, Fast Tabla & Claps] हक़ मौला! अली मौला! हक़ ख्वाजा! या ख्वाजा! हक़ मौला! अली मौला! गरीब नवाज़! या ख्वाजा! [Final Climax Chorus: Explosive Traditional Qawwali Energy] मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मुझे रंग दे मोईन, अपने रंग में रंग! तेरी चौखट का जोगी, मस्त मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! मैं तो ख्वाजा का मलंग! [Outro: Passionate Harmonium Fade Out, Steady Tabla] हक़ मौला! अली मौला! हक़ ख्वाजा! या ख्वाजा! मैं तो ख्वाजा का मलंग... [End: Resonant Tabla Thap]