
सुमरित सुरत जगाय कर, मुख से कछु न बोल। सुमरित सुरत जगाय कर, मुख से कछु न बोल। बाहर का पट बंद कर, अंदर का पट खोल। बाहर का पट बंद कर, अंदर का पट खोल। बाहर का पट बंद कर, अंदर का पट खोल।

सुमरित सुरत जगाय कर, मुख से कछु न बोल। सुमरित सुरत जगाय कर, मुख से कछु न बोल। बाहर का पट बंद कर, अंदर का पट खोल। बाहर का पट बंद कर, अंदर का पट खोल। बाहर का पट बंद कर, अंदर का पट खोल।
