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अपनी राह चलूँ

V6-MINI

अपनी राह चलूँ [Intro — बाँसुरी की जगह मुलायम वेस्टर्न गिटार, एकॉस्टिक पियानो और हल्की ताल] ओ... ओ... ओ... नदी बहे, हवाएँ चलें, मैं चलूँ किस राह? ओ... ओ... ओ... अपने मन का दीप जले, अपने ही दिल के पास। [Verse 1] आसमान से पूछा मैंने, रंग बदलते क्यों हैं? बादल के पीछे सूरज छिपकर, फिर भी उजले दिन हैं। रेत के ऊपर घर बनाया, नदी किनारे प्यार से; लहरें आईं, बहा ले गईं, यादें छोड़ीं रेत पे। दूसरों के रंग सजाते, अपना रंग भुला दिया; दूसरों की धुन पर चलते, अपना गीत गँवा दिया। [Refrain] ओ मेरे मन, लौट के आ, अपने ही आँगन में; कितनी दूर भटकें हम, चलें अपनी राह पे। ओ मेरे मन, लौट के आ, अपने उजियारे में; आसमान भी दूर हो जाए, धरती है सहारे में। [Verse 2] बाँस के पत्तों से होकर, हवा कहानी कहती है; खामोश रातों के सीने में, नई सुबह भी रहती है। सूखे पत्तों की सरसर में, विदाई के गीत सुनूँ; माटी की गोदी में बीज बन, फिर से जीवन चुनूँ। नदी के पानी को बाँधकर, कौन भला रख पाए? मन का पंछी पंख पसारे, नीले गगन में जाए। [Chorus] मैं अपनी राह चलूँ, अपनी धुन में गाऊँ; खोए हुए रंगों को छोड़, नए रंग अपनाऊँ। मैं अपनी राह चलूँ, अपना दीप जलाऊँ; रात के आँचल को चीरकर, सुबह का सूरज पाऊँ। ओ... ओ... ओ... अपनी राह चलूँ, ओ... ओ... ओ... अपनी धुन में गाऊँ। [Instrumental Interlude — Acoustic guitar, piano, electric guitar melody, soft Western drums] [Verse 3] दूर पहाड़ों की धुंध अगर, चोटी को ढक जाए; धुंध भला कब तक ठहरे, धूप उसे हटाए। मन के भीतर बारिश हो तो, आँसू बनकर बहने दो; मन की मिट्टी में एक दिन, नई कली को खिलने दो। किसको किसकी पूर्ति चाहिए, कौन किसे समझाए? अपने मन के सूने आँगन में, अपनी धुन बज जाए। [Bridge — Soft piano, ambient electric guitar and gentle strings] कभी-कभी मन लौटेगा, बीते हुए दिनों के पास; यादें होंगी ढलती धूप-सी, कुछ पल की मधुर आस। प्यार अगर दूर कहीं हो, दूर ही रहने दो; जड़ें जमाकर पेड़ खड़ा है, माटी में रहने दो। [Final Chorus — Fuller Western drums, bass, acoustic and electric guitars] मैं अपनी राह चलूँ, अपनी धुन में गाऊँ; पुरानी छाया छोड़कर, नया उजाला पाऊँ। मैं अपनी राह चलूँ, अपना दीप जलाऊँ; नदी की तरह बहता जाऊँ, सागर का ठिकाना पाऊँ। ओ मेरे मन, लौट के आ, अपने ही आँगन में; कितनी दूर भटकें हम, चलें अपनी राह पे। [Outro — Soft piano, acoustic guitar and fading ambient strings] ओ... ओ... ओ... नदी बहे, नदी बहे... मैं भी चलूँ, मैं भी चलूँ... अपनी राह, अपनी राह... ओ... ओ... ओ... अपनी धुन में गाऊँ...