
Let's Dance Hindi Version 2
[पुरुष – Verse 1] इक दौर था, इस दुनिया की भीड़ में तन्हा था मैं, दर्द की लहरों में हर दिन बहता था मैं। हर तरफ़ थीं दूरियाँ, हर तरफ़ था डर, दिलों के बीच खड़ी थीं नफ़रत की दीवार। [स्त्री] कोई अमीर, कोई गरीब, सबको है रौशनी की चाह, भाषा अलग, धर्म अलग, फिर भी एक है अपना जहाँ। हक़ीक़त हो या कोई मीठा ख़्वाब, हम सब एक ही आसमान के तारे हैं आज। ⸻ [पुरुष] मगर जब संगीत बजने लगता है, हर ग़म जैसे पिघलने लगता है। [स्त्री] ये धुन रूह को परवाज़ दे जाए, और फिर याद दिलाए क्यों मुस्कुराएँ। [दोनों] चलो… ⸻ कोरस – दोनों चलो झूम लें, दिल से आज़ाद, खुली फ़िज़ाओं के साथ। झूमते रहें, हर सरहद मिट जाए, मोहब्बत और सुकून हर दिल में समाए। चलो झूम लें, सारे दर्द भुलाएँ, रूह के नग़्मे मिलकर गाएँ। अपना नूर इस जहाँ में फैलाएँ, हर दिल और हर रूह को अपनाएँ। (ओ-ओ-ओ…) चलो झूम लें… (ओ-ओ-ओ…) चलो झूम लें… ⸻ [स्त्री – Verse 2] माना कि दुनिया एक रात में बदल नहीं सकती, पर उम्मीद की लौ कभी बुझ नहीं सकती। हर मुस्कान, हर छोटा कदम, नई सहर का बनेगा पैग़ाम। [पुरुष] जब इश्क़ दिल में धड़कने लगता है, हर जीवन सुरों से सजने लगता है। एक खुशदिल इंसान जला दे उम्मीद की मशाल, और बदल दे दुनिया का हर हाल। ⸻ [दोनों – Pre-Chorus] जब हम सब साथ कदम बढ़ाते हैं, हज़ारों फ़ासले मिट जाते हैं। दिलों के बीच की हर दीवार गिरती है, और बस मोहब्बत ही बहती है। ⸻ कोरस – दोनों चलो झूम लें, दिल से आज़ाद, खुली फ़िज़ाओं के साथ। झूमते रहें, हर सरहद मिट जाए, मोहब्बत और सुकून हर दिल में समाए। चलो झूम लें, सारे दर्द भुलाएँ, रूह के नग़्मे मिलकर गाएँ। अपना नूर इस जहाँ में फैलाएँ, हर दिल और हर रूह को अपनाएँ। ⸻ ब्रिज [पुरुष] अपने हाथ उठाओ नीले आसमान की ओर, रूह को उड़ने दो हर बंधन से दूर। [स्त्री] इश्क़ को आज अपनी रगों में बहने दो, डर और दर्द को पीछे रहने दो। [दोनों] आज हम पहले से ज़्यादा आज़ाद हैं, अंदर का चिराग़ अब पूरी तरह जाग उठा है। मिलकर चमकेंगे हम उस नूर की तरह, जैसे लाखों सितारे जगमगाएँ रात भर। ⸻ अंतिम कोरस – दोनों (बड़ी हार्मनी के साथ) चलो झूम लें, दिल से आज़ाद, खुली फ़िज़ाओं के साथ। झूमते रहें, हर सरहद मिट जाए, मोहब्बत और सुकून हर दिल में समाए। चलो झूम लें, सारे दर्द भुलाएँ, रूह के नग़्मे मिलकर गाएँ। अपना नूर सारी दुनिया में फैलाएँ, हाथों में हाथ लेकर मुस्कुराएँ। ⸻ आउट्रो [पुरुष] अब रूह में बस सुकून समाया है… [स्त्री] ज़िंदगी ने प्यार का गीत सुनाया है… [दोनों] एक मुस्कान और इस नृत्य के साथ, बदल सकते हैं हम दुनिया की हर बात। तो आओ मेरे यारों— चलो झूम लें! (ओ-ओ-ओ…) चलो झूम लें! (ओ-ओ-ओ…) Let’s Dance!

