
Aag Jala Gaya - 006 - FRAN X / B-0-MJ (Ritual Bollywood Lust)
[Intro – whispered duet, echoing] आ… पास आ… आ… पास आ… तूने आग जला दी… तन में आग जला दी… --- [Verse 1 – Female, slow tease] आ पास आ… झिझक न रख तूने तन में आग जला दी तेरी नज़रों की ये लपट मेरी नस-नस तक जा लगी --- [Verse 2 – Male, low and hungry] आ मेरे पास… खो जाऊँ मैं तूने मुझमें आग जला दी तेरी खुशबू, गीला बदन हर सांस में तू घुल गई --- [Verse 3 – Female, heated] आ इस आग में… महसूस कर ये जलन ही अब प्यास है धीरे-धीरे ये भीगी लौ शब भर बस ये साँस-साँस है --- [Verse 4 – Male, building] इस लौ में मैं पिघलता जाऊँ तूने मुझको आग बना दी हर धड़कन में कराहें तेरी मेरी दुनिया तूने भरा दी --- [Pre-Chorus – Both, call & answer] आ पास आ… (come closer…) ये आग अब रुकती नहीं आ मेरे पास… (come to me…) ये तड़प अब थमती नहीं आ इस आग में… (into the fire…) भीगती जाएं रातें सारी आ इस चाहत में… (into this longing…) तू मेरी, मैं तेरा साथी --- [Verse 5 – Female, breathy] धीरे… इस जलन को पी लें ये सुलगन कहती रुक जा तेरी बाँहों की ये गर्मी मुझको तेरे संग खो जा --- [Verse 6 – Male, very close] मुझको थाम… गिरने न दे ये आग अब कम ना हो जो तू छुए, वो सिसक उठे दिल पे कोई क़ाबू ना हो --- [Bridge – layered moans, echo] आग जला… आग जला… तन जला… तन जला… रात कहे… रुक जा ज़रा… इस आग में… खो जा ज़रा… --- [Final Chorus – ecstatic duet] आ पास आ… ये आग है तू मुझमें खुद को बहने दे इस जलन में, इस धुंध में खुद को मुझमें रहने दे आ मेरे पास… खो जा तू ये लपटें अब थमती नहीं तूने जो ये आग जलाई अब ये कभी बुझती नहीं --- [Outro – fading, satisfied whispers] तूने आग जला दी… तन में आग जला दी… आ… पास आ…

