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ASMD ख्वाजा दरबार

V5.5

[Deep Ruhani Intro - Harmonium & Guitar Fusion] अल्लाह हू... अल्लाह हू... ख्वाजा पिया... मेरे ख्वाजा... [Heavy Tabla & Dholak Drop] [Verse 1 - Deep Male Lead Vocal] ख्वाजा पिया के दरबार में, अक़ीदत से झुका है सर मेरा, अजमेर की इन गलियों में ही, अब बसता है मुकद्दर मेरा। तेरी रहमतों का है आसरा, मेरी झोली को तूने भर दिया, तेरा ही सौदाई हूँ मैं, मुझे तेरे इश्क़ ने ये क्या किया । [Powerful Male Chorus - High Pitch] दीवाना... दर पर दीवाना तेरा, दीवाना तेरा ! ख्वाजा जी... दीवाना तेरा, दीवाना तेरा ! तेरे दर पर आया है, दीवाना तेरा, दीवाना तेरा... दीवाना तेरा ! [Instrumental Interlude - Fast Banjo and Keyboard] (संगीत में जोश भरने के लिए) [Verse 2 - Lead Singer] इस रूहानी महफ़िल में, बार-बार मेरी तुम्ही पर नज़र गई , हमने बचाई लाख मगर, ये रूह तुम्हारी ओर उधर गई । ख्वाजा तुम्हारी निगाह में, कोई ऐसा रूहानी जादू ज़रूर है , जिस पर भी पड़ी एक दफ़ा, वो सीधे उसके जिगर में उतर गई । [Chorus - High Energy, Heavy Dholak] दीवाना... दर पर दीवाना तेरा, दीवाना तेरा ! ख्वाजा जी... दीवाना तेरा, दीवाना तेरा! तेरे दर का सवाली, दीवाना तेरा! [Bridge - Soulful and Emotional] तेरा जलवा जो पाऊँ मैं, दुनिया के हर ग़म भूल जाऊँ , ये आँसू जो हैं आँखों से बहते , बस तेरी ही रहमत हैं कहते। तू और कहाँ मैं, तेरे करम से ही तो बनाया हूँ यहाँ मैं । [Chorus - Epic Grand Finale with Full Chorus] दीवाना... दर पर दीवाना तेरा, दीवाना तेरा ! गरीब नवाज़... दीवाना तेरा, दीवाना तेरा! अजमेर के राजा, दीवाना तेरा! [Outro - Slow Fading with Acoustic Guitar & Soft Tabla] बस इतना ही कहते ... तेरे दर पे हम रहते... दीवाना तेरा... मेरे ख्वाजा... दीवाना तेरा...