
[Verse 1] शैला पुत्री, शक्ति अपार, पर्वत जैसी अटल पुकार। धड़के दिल में जोश का शोर, गूँज उठा है चारों ओर! [Verse 2] ब्रह्मचारिणी, तप का तेज, भक्ति से सजता है यह मंच। उर्मी उठे आनंद की चाल, नाच रहा यह सारा संसार! [Verse 3] चंद्रघंटा, घंटे की टंकार, गूँजे संगीत का यह संसार। क्रोध मिटाकर प्रेम जगाए, पार्टी की लय सब को भाए! [Verse 4] कूष्मांडा, ब्रह्मांड की ज्योति, जला रही ऊर्जा की मोती। रोशनी से चमके हर द्वार, उमड़ पड़ा है खुशियों का प्यार! [Verse 5] स्कंदमाता, ममता की धार, युद्ध भूमि सा है यह प्यार। शक्ति और उमंग का मेल, चल रहा यह अद्भुत खेल! [Verse 6] कात्यायनी, रणचंडी रूप, चमक रहा सूरज सा धूप। दुष्टों का संहार करे जो, जीत का जश्न मनाए वो! [Verse 7] कालरात्रि, अंधकार का नाश, मुक्ति का है नया प्रकाश। रात की रानी, बिजली चाल, थर-थर काँपे सारा गाल! [Verse 8] महागौरी, श्वेत प्रकाश, मन में भर दे नया उल्लास। शुद्ध ऊर्जा, पावन रूप, पार्टी में खिले अनूप! [Bridge / Drop] सुवर्ण वज्र, स्वर्ण कमल रूप, टेरा-हेक्स में चमके धूप। सुवर्ण दुर्गा, महा विस्फार, अमर रहे यह दिव्य प्यार!

