
(Verse 1) ओ थके साथि, कहाँ गई तेरी रौशनी, ख्वाबों में खोई, चमकती वो कहानी। दिल में जो जलती, वो उम्मीद की अग्नि, कभी ना बुझी थी, वो प्रेम की सक्ती। (Chorus) ओ थके मन, सुन ले मेरी गुहार, जगमगाएगी फिर से, तेरा ये संसार। कहाँ गई वो आग, जो जलाए हर दिन, तू फिर से ढूँढ ले, अपनी खुशी को बन। (Verse 2) सोचते हैं कई बार, ये सफर क्यों रुका है, चलते रहो, चलते रहो, हर घड़ी जो झुका है। आसमान के तले, फिर एक बार उठ चल, ज़िन्दगी की राहें, तुझे फिर से जला दें। (Chorus) ओ थके मन, सुन ले मेरी गुहार, जगमगाएगी फिर से, तेरा ये संसार। कहाँ गई वो आग, जो जलाए हर दिन, तू फिर से ढूँढ ले, अपनी खुशी को बन। (Bridge) चली आ, तू वापस, लाए तू अपनी धड़कन, हमसफर हैं मिलकर, संजोए चाँद-सितारे। ओ थके मन, अब मत कर तन्हाई का सामना, फिर से जश्न मनाए, तेरा जीवन सुहाना। (Chorus) ओ थके मन, सुन ले मेरी गुहार, जगमगाएगी फिर से, तेरा ये संसार। कहाँ गई वो आग, जो जलाए हर दिन, तू फिर से ढूँढ ले, अपनी खुशी को बन। (Outro) ओ थके साथि, साथ में फिर ले उड़ान, तेरी राहों में बिखरे, फिर से रंगों का आकाश। चैन से जियो, दिल में भर ले उमंग, आग की खोज में, अब ना हो कोई संवंध।

