[Verse] श्री गुरु चरण सरोज रज मन मुकुर सुधार बरनऊं रघुवर बिमल जस जो दायक फल चार [Chorus] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय कपीस तिहुँ लोक उजागर जय जय जय हनुमान हर दुख हर दान [Verse 2] राम दूत अतुलित बल धामा अंजनि पुत्र पवनसुत नामा महावीर विक्रम बजरंगी कुमति निवार सुमति के संगी [Bridge] सूरज सम तेज तुम्हारा तुम्हें डराए कौन रघुनाथ के दास तुम तुम हो राम का फोन [Chorus] जय हनुमान ज्ञान गुन सागर जय कपीस तिहुँ लोक उजागर जय जय जय हनुमान हर दुख हर दान [Outro] संकट मोचन नाम तिहारो असुर निकंदन राम दुलारो तुम बिन काम अधूरा है जय हनुमान हर पूरा है