
[Intro – सारंगी-violin for sometime] Hmm hmm hmmm.. Hmm.. hmmmm.. hmmm.. Hmm .hmm.. hmmmm.. Hmmmm .. hmmm.. hmmm... (Mimicking the chorus part) [हल्का तबला ब्रश, पुराने दौर की स्ट्रिंग्स धीरे उठती हैं] [मुखड़ा] तुम जो सामने रहो, दिल ये महका करे, मैं यूँ ही प्यार के गीत लुटाता रहूँ। तुम ज़रा मुस्कुरा दो, रात चमका करे, मैं तुम्हें देख कर गुनगुनाता रहूँ। तुम जो सामने रहो, दिल ये महका करे, मैं यूँ ही प्यार के गीत लुटाता रहूँ। [Interlude – सारंगी Fill] Haahaa.. haaa.. haa .. Laalaa.. laa.. laalaa.. laa.. [ढोलक की हल्की थपक] [अंतरा 1] चाँद कितने फ़लक पर निकलते रहे, मैंने उनको कभी दिल से चाहा नहीं। जब से देखा तुम्हें, साँस कहने लगी, अब किसी और पे दिल को आया नहीं। तुम मेरी आँखों के परदे पे छायी रहो, मैं जहाँ से नज़र को चुराता रहूँ। तुम जो सामने रहो, दिल ये महका करे, मैं यूँ ही प्यार के गीत लुटाता रहूँ। [Bridge – Vintage Orchestra Rise] [वायलिन्स ऊँचे स्वर में चढ़ते हैं] [सारंगी नीचे दर्दीली मींड लेती है] [अंतरा 2] मैंने ख़्वाबों के पत्थर पे बरसों तलक, एक हसीं सी मूरत तराशी थी जो। आज महफ़िल में चुपके से जीती हुई, तुम वही नूर की इक निशानी हो। तुम मुझे अपना कह दो अगर एक दफ़ा, मैं बहारों की महफ़िल सजाता रहूँ। तुम जो सामने रहो, दिल ये महका करे, मैं यूँ ही प्यार के गीत लुटाता रहूँ। [सारंगी Solo] Heyheyhey ahahaha.. [अंतरा 3] मैं अकेला बहुत दूर चलता रहा, रास्ते भी मुझे अजनबी लग गए। तुम जो हमराह बन के क़दम रख दो, पत्थरों के भी सीने कली बन गए। तुम मेरे साथ यूँ उम्र भर चलती रहो, मैं ज़मीं पर सितारे बिछाता रहूँ। तुम जो सामने रहो, दिल ये महका करे, मैं यूँ ही प्यार के गीत लुटाता रहूँ। [Final Chorus – Full Orchestra] तुम ज़रा मुस्कुरा दो, रात चमका करे, मैं तुम्हें देख कर गुनगुनाता रहूँ। तुम जो सामने रहो, दिल ये महका करे, मैं यूँ ही प्यार के गीत लुटाता रहूँ। [Outro – सारंगी Fade Out] Lala lala la lalalala.. [विनाइल क्रैकल… धीमा फ़ेड आउट] [Silence]

