
[Verse 1] जब भी चुपचाप सा होता हूँ तेरी हँसी में घुल जाता हूँ तू कुछ बोले या ना बोले तेरे चेहरे से सब पढ़ जाता हूँ [Chorus] तू ही सफ़र तू ही ठहराव तू से ही सुबह तू से ही रात मेरे हर कल की पहली दुआ तू ही क़ुबूल तू ही तो बात [Verse 2] तेरे बालों में उलझी उँगली थोड़ी शरारत थोड़ी सी शर्म तेरे काँधे पे सिर रख दूँ बस बाक़ी दुनिया लगे थोड़ी कम [Chorus] तू ही सफ़र तू ही ठहराव तू से ही सुबह तू से ही रात मेरे हर कल की पहली दुआ तू ही क़ुबूल तू ही तो बात

