(Verse) प्रेम की धारा में बहता है जैसे वसंत की नदी कहता है हर किरण में वो बसा है सूरज सा जो हर दिल को छूता है। [Chorus] वो प्रकाश का संवाहक है जीवन में नई राह दिखाए हर दिल में जोश जगाए वो प्रेम की लौ जलाए। [Verse 2] आकाश सा असीम वो है हर सपने को साकार जो है उसकी बातें उसकी चाल जैसे फूलों पर ओस की बूँदों का हाल। [Prechorus] चुपके से दिलों को थाम ले हर दर्द को अपना नाम दे। [Chorus] वो प्रकाश का संवाहक है जीवन में नई राह दिखाए हर दिल में जोश जगाए वो प्रेम की लौ जलाए। [Bridge] चुंबक सा खींचता है सबको हर दिल को दे उम्मीद का रौशनी वो खुदा का एक पैगाम है जो भर दे जीवन में मिठास सी।