
नहीं [मुखड़ा] दुनिया बदल गई, तेरा प्यार नहीं, मौसम बदल गए, दिल बेकरार वहीँ। चेहरे बदल गए, रिश्ते बदल गए, तू दूर हो गई… मगर मेरा प्यार नहीं। तेरी यादों की बारिश, आज भी होती है, भीगी हुई आँखों में, तू ही तो होती है। वक़्त ने मिटा दिए, कितने निशान मगर, दिल की किताब में, तेरा नाम मिटा नहीं। दुनिया बदल गई… तेरा प्यार नहीं… [अंतरा १] कल तक जो रास्ते, तेरे साथ चलते थे, आज वही रास्ते, तन्हा मुझे मिलते हैं। हँसती थी तू कभी, मेरी ही बातों पर, अब मेरी खामोशी से, आँसू निकलते हैं। मैंने तो माँगी थी, बस उम्र भर की धूप, क्यों छीन ली किस्मत ने, मेरी वो छोटी-सी धूप। तू किसी और की, दुनिया में खो गई, मगर मेरे दिल से, तेरा इंतज़ार गया नहीं। दुनिया बदल गई… तेरा प्यार नहीं… [इंटरल्यूड — बाँसुरी + सारंगी, 8–12 bars] [अंतरा २] तेरे बिना भी मैंने, जीना तो सीख लिया, हँसना भी सीख लिया, रोना भी पी लिया। लेकिन किसी रात जब, चाँद अकेला मिले, तेरी वही यादों ने, फिर मुझे घेर लिया। कहते हैं लोग कि, ज़ख्म भर जाते हैं, कुछ दर्द मगर उम्र भर, दिल में उतर जाते हैं। तू भूल भी जाए मुझे, कोई शिकवा नहीं, मैं भूल जाऊँ तुझे… इतना आसान नहीं। [मुखड़ा — ऊँची भावुक धुन] दुनिया बदल गई, तेरा प्यार नहीं, मुझमें बचा है कुछ, तो तेरा एहसास वहीँ। साँसें बदल गईं, धड़कन बदल गई, तू दूर हो गई… मगर मेरा प्यार नहीं। [ब्रिज — बहुत धीमा] अगर कभी लौटकर, मेरी तरफ देखना, इन आँखों में अपना, गुज़रा हुआ कल देखना। मैं कुछ नहीं कहूँगा, बस मुस्कुरा दूँगा, मेरे उस मुस्कुराने में… अपना प्यार देखना। [अंतिम मुखड़ा] दुनिया बदल गई… मगर तेरा प्यार नहीं… ज़िंदगी गुज़र गई… मगर तेरा इंतज़ार नहीं… दुनिया बदल गई… तेरा प्यार नहीं… तू दूर हो गई… मगर मेरा दिल… बदला नहीं…

