
[Verse 1] प्रभु के चरणों में है विश्राम मेरा, क्यों कहते हो भाग कर करूँ बसेरा? दुष्टों ने अंधेरे में तीर हैं साधे, छुप कर वार करने के हैं इरादे। [Chorus] गर धरती की बुनियाद भी हिल जाए, मेरा मन यीशु के ही गुण गाए। स्वर्ग के सिंहासन पर है उसका राज, वही तो रक्षक है, सँवारे सब काज! [Verse 2] पावन भवन में है उसका जलाल, आसमान से देखता है वो सबका हाल। धर्मी को परखता है वो मेरा खुदा, करता है हमें हर पाप से जुदा। [Chorus] गर धरती की बुनियाद भी हिल जाए, मेरा मन यीशु के ही गुण गाए। स्वर्ग के सिंहासन पर है उसका राज, वही तो रक्षक है, सँवारे सब काज! [Verse 3] दुष्टों पर बरसेगा आग और तूफ़ान, पर धर्मी को मिलेगा नया आसमान। परमेश्वर को भाता है सच्चा न्याय, सीधे मन वालों का वही है उपाय। [Bridge] पक्षी के जैसे मैं ना उड़ जाऊंगा, उसके ही वचनों पे टिक जाऊंगा। उसकी निगाहों में है मेरी आस, प्रभु है मेरी शरण, वो है मेरे पास। [Chorus] गर धरती की बुनियाद भी हिल जाए, मेरा मन यीशु के ही गुण गाए। स्वर्ग के सिंहासन पर है उसका राज, वही तो रक्षक है, सँवारे सब काज! [Outro] आमने सामने देखेंगे हम उसका मुख, उसके अनुग्रह में मिटेगा हर दुख। आज ही प्रभु की मैं लूँ पनाह, वही मेरी मंज़िल, वही मेरी राह। [End]

