
जो तेरा सहारा न मिलता, तो ज़िंदा कैसे मैं रहता? संसार के इस सागर में, कहीं भी मैं डूब जाता। जो तेरा सहारा न मिलता, तो ज़िंदा कैसे मैं रहता? तो ज़िंदा कैसे मैं रहता? [Verse 1] तेरी करुणा, तेरी दया से, सूरज की किरणों ने चूमा यह चेहरा। सारे जहाँ में तू सबसे प्यारा, प्यार तेरा है सबसे गहरा, प्यार तेरा है सबसे गहरा। हा…हा…हा…हा…हा… हालेलुया। जो तेरा इरादा न होता, तो सुबह ये न देख पाता। [Verse 2] कितना दयालु यीशु प्रभु तू बोझ जो मेरा था तूने उठाया; पापोंसे मेरे मुक्ति दिलाने क्रूस पर अपना लहू बहाया, क्रूस पर अपना लहू बहाया। हा…हा…हा…हा…हा… हालेलुया। जो बलिदान तेरा न होता तो उद्धार कभी न मैं पाता । [Verse 3] तेरी कृपा, हे मेरे प्रभु,तू हर पल मुझ पर बनाए रखना। भरपूर जीवन है मार्ग मे तेरे उस पर मुझको चलाये रखना, उस पर मुझको चलाये रखना। हा…हा…हा…हा…हा… हालेलुया। जो तेरा उजाला न मिलता, तो अंधेरोंमें मैं खो जाता। [Verse 4] सागर दया का है तू, परमेश्वर, कर दे मुझे भी बहता झरना। तेरी शरण में ही रहना चाहूँ, करूँ तेरी स्तुति और आराधना, करूँ तेरी स्तुति और आराधना हा…हा…हा…हा…हा… हालेलुया। जो तेरा सहारा न मिलता, तो अंजाम मेरा क्या होता? तो अंजाम मेरा क्या होता? तो अंजाम मेरा क्या होता?

