
🙏 मेरे राम ही सहारा हैं 🚩 ॥ श्री राम जय राम जय जय राम ॥ ॥ सीताराम ॥ जब भी मन यह हारने लगता, राम नाम संभालता है। टूटे सपनों की हर डोरी को, फिर से वही सँवारता है॥ ⸻ मेरे राम ही सहारा हैं, जीवन के उजियारे हैं। जिसने दिल से नाम लिया है, उसके बने किनारे हैं॥ जय श्रीराम… सीताराम… ⸻ दुख की धूप अगर सताए, राम छाँव बन जाते। सूने मन के आँगन में वो, प्रेम दीप जलाते॥ करुणा से भरपूर हैं रघुवर, दीनों के रखवाले। उनके चरणों की धूलि पाकर, मिट जाएँ दुख सारे॥ ⸻ मेरे राम ही सहारा हैं, हर पल के रखवाले हैं। तेरी कृपा की एक नज़र से, बदलें भाग्य हमारे हैं॥ ⸻ सीता संग तेरी मुस्कानों में, सच्चा प्रेम समाया। भरत, लक्ष्मण, हनुमत जैसे, भक्ति का मार्ग बताया॥ मर्यादा की राह दिखाकर, जीवन सफल बनाया। राम नाम की एक किरण ने, हर अँधियारा भगाया॥ ⸻ ना धन माँगूँ… ना ऊँचा मान… बस हर श्वास में, बसें भगवान॥ ⸻ जब जीवन की शाम ढलेगी, नाम तेरा ही गाऊँ। अंतिम श्वासों तक रघुनंदन, तेरे गुण ही गाऊँ॥ हर जन्मों में साथ निभाना, इतनी मेरी आस। तेरे बिना अधूरा सब कुछ, तू ही मेरी साँस॥ ⸻ मेरे राम ही सहारा हैं, सच्चे पालनहारे हैं। तेरे चरणों की भक्ति पाकर, हम जीवन से प्यारे हैं॥ जय श्रीराम… सीताराम… सीताराम… ॥ श्री राम जय राम जय जय राम ॥

